Search My Blog

Loading...

Thursday, August 30, 2012

BHU Kulgeet

मधुर मनोहर अतीव सुन्दर, यह सर्वविद्या की राजधानी ।
यह तीन लोकों से न्यारी काशी ।
सुज्ञान धर्म और सत्यराशी ।।
बसी है गंगा के रम्य तट पर, यह सर्वविद्या की राजधानी ।
मधुर मनोहर अतीव सुन्दर, यह सर्वविद्या की राजधानी ।।
नये नहीं हैं यह ईंट पत्थर ।
है विश्वकर्मा का कार्य सुन्दर ।।
रचे हैं विद्या के भव्य मन्दिर, यह सर्वस्रष्टि की राजधानी ।
मधुर मनोहर अतीव सुन्दर, यह सर्वविद्या की राजधानी ।।
यहाँ की है यह पवित्र शिक्षा ।
कि सत्य पहले फिर आत्मरक्षा ।।
बिके हरिश्चन्द्र थे यहीं पर, यह सत्यशिक्षा की राजधानी ।
मधुर मनोहर अतीव सुन्दर, यह सर्वविद्या की राजधानी ।।
यह वेद ईश्वर की सत्यवानी ।
बने जिन्हें पढ के ब्रह्यज्ञानी ।।
थे व्यास जी ने रचे यहीं पर, यह ब्रह्यविद्या की राजधानी ।
मधुर मनोहर अतीव सुन्दर, यह सर्वविद्या की राजधानी ।।
यह मुक्तिपद को दिलाने वाले ।
सुधर्म पथ पर चलाने वाले ।।
यहीं फले फूले बुद्ध शंकर, यह राजॠषियों की राजधानी ।
मधुर मनोहर अतीव सुन्दर, यह सर्वविद्या की राजधानी ।।
सुरम्य धारायें वरुणा अस्सी ।
नहायें जिनमें कबीर तुलसी ।।
भला हो कविता का क्यों न आकर, यह वाक्विद्या की राजधानी ।
मधुर मनोहर अतीव सुन्दर, यह सर्वविद्या की राजधानी ।।
विविध कला अर्थशास्त्र गायन ।
गणित खनिज औषधि रसायन ।।
प्रतीचि-प्राची का मेल सुन्दर, यह विश्वविद्या की राजधानी ।
मधुर मनोहर अतीव सुन्दर, यह सर्वविद्या की राजधानी ।।
यह मालवीय जी की देशभक्ति ।
यह उनका साहस यह उनकी शक्ति ।।
प्रकट हुई है नवीन होकर, यह कर्मवीरों की राजधानी ।
मधुर मनोहर अतीव सुन्दर, यह सर्वविद्या की राजधानी ।।

---By Dr S.S.Bhatnagar
---------------------------------------------------------------------
To read the interpretation of this kulgeet, click on Kulgeet (English).
To listen to this kulgeet, click on BHU Kulgeet. (This broken link has been recently fixed)

---------------------------------------------------------------------
Literal meanings:
विश्वकर्मा - Lord of architecture
सर्वस्रष्टि - All creation of nature
बिके हरिश्चन्द्र थे यहीं पर - Once King Harishchandra even sold himself to keep up the truth of his words, providing a glorious example of his morals on this land of Kashi. Read full story of him by clicking here.
थे व्यास जी ने रचे यहीं पर - Maharishi Ved Vyas ji wrote sacred books, including Mahabharat, in Kashi.
मुक्तिपद - Steps of freedom
यहीं फले फूले बुद्ध शंकर - Kashi is the place of first sermon Lord Buddha (in Sarnath) and land of Lord Shankar (Kashi Vishwanath Bhagwan)
वरुणा, अस्सी - The two tributaries of River Ganga; Varanasi name comes from Varuna + Assi.
नहायें जिनमें कबीर तुलसी - Kabirdas was born in Kashi and Tulsidas ji was born on the ganga shore
वाक्विद्या - Study of voice (Speech and Poetry)
प्रतीचि-प्राची का मेल सुन्दर - Beautiful mix of east (prachi) and west (pratichi)
विविध कला अर्थशास्त्र गायन गणित खनिज औषधि रसायन - Multiple Arts, Economics, Music, Mathematics, Mining, Medicine and Chemical Science

---------------------------------------------------------------------
Thanks to Puneet Pandey for the post.

No comments:

Post a Comment

Labels

Autobiographical (95) Cinema (71) ITBHU (64) India (55) Religion (51) Education (46) Development (36) Economy (34) Society (34) Literature (29) Culture (26) Politics (24) Quotations (23) Ten Issues (23) Blog (22) Democracy (19) Reading (19) Technology (19) Caste (18) Human Rights (17) Creative Writing (16) Cricket (16) Lyrics of life (16) My Poems (15) Speech (15) Kanpur (14) Philosophy (14) Thinking (14) Interview (13) Rare Moments (13) Revolution (13) B Tech - 7th Semester (12) State (12) Yatra Vritaant (12) Adaptation (11) Corruption (11) History (11) Media (11) Music (11) Censor (10) Journalism (10) Naxal (10) U.S.A. (10) Arabs (9) Banaras Hindu University (9) Life (9) Poverty (9) Rural (9) Spiritualism (9) Creativity (8) Not Original Reviews (8) Pakistan (8) XIMB (8) B Tech - 8th Semester (7) CSC (7) Free Speech (7) IIT (7) Internet (7) Justice (7) Nature (7) TED (7) Television (7) Agriculture (6) B Tech - 2nd Semester (6) Career (6) Feminism (6) Migrants (6) Personality (6) Poetry (6) Azamgarh (5) Violence (5) Wikileaks (5) Authority (4) B Tech - 1st Semester (4) Bureaucracy (4) Engineering (4) Food (4) Protest (4) Summer Internship (4) Summer Internship-2007 (4) Wisdom (4) B Tech - 6th Semester (3) Finance (3) IP Rights (3) Information (3) Innovation (3) Knowledge Management (3) Language (3) Mechanical Engineering (3) Microfinance (3) Mythology (3) Science (3) health (3) Afghanistan (2) Bhojpuri (2) Children (2) Communism (2) Corporate (2) Death (2) Design (2) IRMA (2) Identity (2) Love (2) Maths (2) Networking (2) Prose (2) Racism (2) Ragging (2) Reservation (2) Satire (2) Software (2) Urban (2) What a wonderful world (2) Argentina (1) Award (1) BT (1) BigThink (1) Cambodia (1) Child Abuse (1) China (1) Climate Change (1) Comics (1) Doctors (1) Documentary (1) EC (1) Election (1) Environment (1) Government (1) Green Earth (1) Hinduism (1) IIM (1) Idea (1) Individual (1) Industry (1) Iran (1) Kashmir (1) Kerala (1) Nanital (1) Nationalism (1) Police (1) RTI (1) Reality (1) Refugee (1) Social Networking (1) South Africa (1) Story (1) Tibet (1) UID (1) Varanasi (1) War (1) Weavers (1)