1990s की हिंदी कॉमिक्स सुपरहीरोज़
सूचना: तीन ताल पॉडकास्ट से इंस्पायर्ड और नॉस्टैल्जिक होकर मैं 90s को लिख रहा हूं। 90s नॉस्टैल्जिया: एंटीना, केबल और एक पूरा बचपन नामक ब्लॉग पोस्ट पहले भी लिखा है और आगे भी ९० के दशक ( अपने बचपन) को कलमबद्ध करने का इरादा है | *90s की यादों में और डूबना है, तो यहाँ और नॉस्टैल्जिया पोस्ट्स पढ़ें। 90 के दशक की हिंदी कॉमिक्स बच्चों और किशोरों की पढ़ाई-लिखाई के साथ-साथ उनकी कल्पनाशील दुनिया का अहम हिस्सा थीं। यह याद आता है कि कोई दोस्त कॉमिक्स पढ़ने के लिए दे देता है, लेकिन स्कूल बैग से कॉमिक्स चुरा ली जाती हैं; जब मुझको और दोस्त को इस बात का पता चला, तो दोनों आहत होकर रो पड़े। राज, डायमंड, तुलसी, मनोज और इंद्रजाल जैसे ब्रांडों ने सैकड़ों चरित्रों की परिघणा खड़ी की — सुपरपावर, जासूसी, जादू, लोककथात्मक तत्व और नैतिकता से जुड़े बेहतरीन मिश्रण के साथ। इन कॉमिक्स ने न केवल मनोरंजन दिया बल्कि पाठक समुदायों में साझा संस्कृति, किराये पर किताबों की परंपरा और लोककथाओं के नये रूपों को भी जन्म दिया। इस लेख में मैं उन प्रमुख ब्रांड्स, मुख्य पात्रों, विषय-रुझानों और सामाजिक प्रभावो...