Part 1: भारतीय वायुसेना का संकट - GE Engine Delays, HAL Monopoly और Squadron Strength की समस्या
क्या है Indian Air Force के साथ गड़बड़? 1. GE Engine Deal भारतीय वायुसेना (IAF) आज बहुत बड़ी मुश्किलों का सामना कर रही है। GE F414 इंजन के लिए तेजस Mk2 और AMCA जेट्स की डिलीवरी में तीन साल की देरी हो चुकी है। पहले 2023 में MoU हुआ था, अब मार्च 2026 तक का इंतजार है। यह सिर्फ शुरुआत है। GE F404 इंजन जो Tejas Mk1A के लिए चाहिए थे, उन्हें भी अभी तक सही मायने में नहीं मिले। 2023 से ही deliveries miss हो रही हैं। 2025 के बीच तक सिर्फ 3 इंजन मिले हैं। HAL को हर साल 12-16 जेट्स बनाने हैं, लेकिन इंजन न मिलने से वो भी नहीं हो पा रहा। GE ने मार्च 2026 में 12 इंजन देने का वादा किया है, पर उस पर भी निर्भर नहीं हो सकते। GE Engine Deal में क्या समस्या है? तीन मुख्य समस्याएं हैं GE के साथ negotiations में: Technology Transfer का झगड़ा : भारत चाहता है कि कम से कम 80-100% technology transfer हो ताकि भारत आगे जा सके। GE हमेशा कुछ बातें रोक कर रखता है - source code, manufacturing के secrets, सब कुछ पूरा नहीं देता। यह भारत की आत्मनिर्भरता में रोड़ा अटकाता है। कीमत का सवाल : कितना दाम...