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Part 3: भारत का Engine Revolution - Kaveri से लेकर 5th Gen Fighters तक

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Part 1 पढ़ें: भारतीय वायुसेना का संकट - GE Engine Delays और Squadron Strength की समस्या Part 2 पढ़ें: India का Fighter Jet समाधान - Rafale, Tejas Mk2, AMCA और HAL की नई दिशा भारत को अपना Engine क्यों चाहिए? HAL ने इंजन निर्माण में कई विदेशी इंजनों का लाइसेंस प्राप्त किया है जैसे Bristol Siddeley Orpheus, MiG के इंजन, और Sukhoi के इंजन। 1956 में, HAL ने बेंगलुरु में Bristol Orpheus turbojet इंजन का उत्पादन शुरू किया था। इसके बाद से HAL ने कई विदेशी इंजनों का निर्माण किया और महत्वपूर्ण experience हासिल किया। हालांकि, HAL आज तक अपना खुद का एक indigenous fighter jet इंजन डिजाइन करने में सफल नहीं हो पाया है। लगभग 70 वर्षों के बाद भी भारत में HAL के पास अपनी पूरी तरह से डिजाइन किया गया लड़ाकू विमान इंजन नहीं है, जो देश की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ी चुनौती है।  यहाँ एक बहुत महत्वपूर्ण बात है - दुनिया में सिर्फ 4 देश fighter jet engines बना सकते हैं। USA, France, Russia, और Russia का पुराना सोवियत union। और चीन हाल ही में सीख रहा है। क्यों यह इतना मुश्किल है? Jet Engine बनाना सबसे to...

Part 2: India का Fighter Jet समाधान - Rafale, Tejas Mk2, और AMCA का रोडमैप

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Part 1:  Bilkul वायुसेना का संकट - GE Engine Delays और Squadron Strength की समस्या पिछले भाग को यहाँ पढ़ें और अब आगे बढ़ते हैं।  इस पोस्ट में हम समझेंगे कि कैसे भारत ने Rafale , Tejas Mk2 और AMCA जैसी आधुनिक फाइटर जेट्स की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। India को capability gap का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि fourth-gen Tejas delayed हैं और fifth-gen AMCA 2035 तक आएगा, near-term air superiority की चिंता बढ़ा रहा है।  1. विदेशी खरीद: तुरंत फैसला करने का समय भारत को तुरंत कुछ फैसले लेने हैं ताकि next 5-10 सालों में squadron strength बनी रहे। 2030 के बाद Jaguar और दूसरे पुराने विमान retire हो जाएंगे। तब तक नए विमान आ जाने चाहिए, नहीं तो बहुत बड़ी खामी रह जाएगी। 114 Rafale जेट्स: फ्रांस का रास्ता : सितंबर 2025 में IAF ने एक बहुत बड़ा प्रस्ताव दिया - 114 और Rafale जेट्स खरीद सकते हैं। यह सबसे बड़ा defense deal हो सकता है भारत के लिए।  कीमत क्या है? लगभग ₹2 लाख करोड़ (करीब $24 billion) । यह सच में बहुत बड़ी रकम है। क्या यह "Make in India" होगा? जी हाँ! फ्रांस...

Part 1: भारतीय वायुसेना का संकट - GE Engine Delays, HAL Monopoly और Squadron Strength की समस्या

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क्या है Indian Air Force के साथ गड़बड़? 1. GE Engine Deal   भारतीय वायुसेना (IAF) आज बहुत बड़ी मुश्किलों का सामना कर रही है। GE F414 इंजन के लिए तेजस Mk2 और AMCA जेट्स की डिलीवरी में तीन साल की देरी हो चुकी है। पहले 2023 में MoU हुआ था, अब मार्च 2026 तक का इंतजार है। यह सिर्फ शुरुआत है। GE F404 इंजन जो Tejas Mk1A के लिए चाहिए थे, उन्हें भी अभी तक सही मायने में नहीं मिले। 2023 से ही deliveries miss हो रही हैं। 2025 के बीच तक सिर्फ 3 इंजन मिले हैं। HAL को हर साल 12-16 जेट्स बनाने हैं, लेकिन इंजन न मिलने से वो भी नहीं हो पा रहा। GE ने मार्च 2026 में 12 इंजन देने का वादा किया है, पर उस पर भी निर्भर नहीं हो सकते। GE Engine Deal में क्या समस्या है? तीन मुख्य समस्याएं हैं GE के साथ negotiations में: Technology Transfer का झगड़ा : भारत चाहता है कि कम से कम 80-100% technology transfer हो ताकि भारत आगे जा सके। GE हमेशा कुछ बातें रोक कर रखता है - source code, manufacturing के secrets, सब कुछ पूरा नहीं देता। यह भारत की आत्मनिर्भरता में रोड़ा अटकाता है। कीमत का सवाल :  कितना दाम...