Sign of Wise Person
" ज्ञानी निस्प्प्रेह होता है सबसे , न किसे से प्रेम , न घृणा निर्लिप्त अनुभव केवल,वह शून्य है मानो धोंकनी के भीतर खाली ,लेकिन लगातार देता फूँक, सत्य के अग्नि को ज्ञानी का अनुभव है धोंकनी के साँस , शून्य में से उद्भूत सत्य की ऊर्जा " -Lao tse