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The King Khan – Irrfan khan – A filmography (PFC Archive)

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Note: The following post is taken from the archives of PassionForCinema.com , a much-loved platform for cinema enthusiasts. This is being republished here in the spirit of archiving, historical significance, and sharing important conversations with the readers who may not have had access to the original site. The author of the post is Kartik Krishnan  who published the post on  January 6, 2007 at 4:57 am.  ok ok here is a post that was looooong due …. Here’s a question – Who is the best khan in Bollywood ???? (meaning which one do u love the most) Aamir-Lagaan and DCH being released in the same year might make you think that he is the best. Besides. He also is the ‘thinking Khan’ SRK - yeah …. sure …. Salman – might be without his shirts off and if you are a female(or gay) that is. Saif – post omkara, Saif has achieved a demi-god-ish status… All are good but here’s the khan whose films I look forward to most eagerly…who sadly is not a part of the khan triumva...

3rd Letter to Teen Taal (तीन ताल को तृतीय ख़त)

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तीन ताल के सभी साथियों को जय हो, जय हो, जय हो!  छः संख्या भारतीय मिथकों में पूरापन और संतुलन का निशान मानी जाती है। तीन ताल की छटा छः ऋतुओं  से बनती है जिसे ये छह महानुभाव बनाते हैं - कमलेश ताऊ, कुलदीप सरदार, आसिफ़ खान चा, पाणिनि बाबा, जमशेद भाई और संयोजक अतुल जी| इन सभी को मेरा नमन!   तीन ताल क्यों सुने ? नए श्रोता लोगों से बस कहना चाहूंगा कि तीन ताल का भौकाल एकदम टाइट है क्यूंकि जिस ज़माने में जुबान और उसूल की कोई कीमत नहीं रही, वहां तीन ताल उसी ज़माने की छोटी-छोटी परेशानियों, समाज, राजनीति, और निजी अनुभवों पर खुलकर और दिलचस्पी से बातचीत करता है! ये चिठ्ठी पीर बाबा के दमके हुए पानी का लाइट मोड अर्थात बीयर पीकर लिख रहा हूं, जो लिखूंगा वह सच लिखूंगा, सच के सिवा कुछ नहीं  लिखूंगा। खबर ड्रोन की तरह उड़ते उड़ते पता चली की  लखनऊ की धरती  पर  तीन  ताल  के  महारथी  लोगों  का  ज़मावड़ा  होने वाला है ! लखनऊ की  जनता  की  किस्मत  से  रस्क  करते  करते, उनको  बहुत  बधाई. फिर मन...

विकास दिव्यकीर्ति द्वारा सुझाई गई 11 सर्वश्रेष्ठ किताबें

डॉ. विकास दिव्यकीर्ति  एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद् और यूपीएससी परीक्षाओं के विशेषज्ञ हैं, जिनकी सरल और प्रभावी व्याख्या लाखों छात्रों को समर्पित है, और उनकी पुस्तकें न केवल विषयों की गहरी समझ प्रदान करती हैं बल्कि नैतिकता, इतिहास, दर्शन एवं सामाजिक चिंतन में भी मार्गदर्शन करती हैं, जिससे छात्रों का संपूर्ण व्यक्तिगत एवं अकादमिक विकास होता है। विकास दिव्यकीर्ति द्वारा सुझाई गई पुस्तकों की सूची इस प्रकार है: एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकें (कक्षा 6-12) सोफी का संसार - जोस्टेन गार्डर —  यह एक रहस्यपूर्ण दार्शनिक उपन्यास है जो पश्चिमी दर्शन के इतिहास, विचारधाराओं और मानव अस्तित्व के गहन प्रश्नों को सरल हिंदी में प्रस्तुत करता है। गोदान - मुंशी प्रेमचंद — ग्रामीण भारत की झकझोर देने वाली कहानी जो गरीबी, असमानता और सामाजिक अन्याय के बीच किसान होरी की जीवन यात्रा के माध्यम से देश की ग्रामीण समस्याओं और स्वाभिमान की गूढ़ भावनाओं को जीवंत करती है। सत्य के प्रयोग - महात्मा गाँधी — गांधीजी का आत्मकथा जो सत्य और अहिंसा के आध्यात्मिक, नैतिक और राजनीतिक प्रयोगों का विस्तारपूर्वक वर्णन...

Saurabh Dwivedi ki Kitab Salah - Pathakon ke Liye Behtareen Kitabein - The Lallantop

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लल्लनटॉप पर एक साल पहले, सौरभ द्विवेदी ने प्रशासनिक सेवा तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए अपनी दोस्त की लाइब्रेरी से कुछ महत्वपूर्ण किताबों की सलाह दी थी।  इनमें संस्कृति, इतिहास, राजनीति, समाजशास्त्र और आर्थिक विषयों से जुड़ी गहन जानकारी वाली किताबें शामिल हैं। इस ब्लॉग में उन किताबों के साथ-साथ उनके अमेज़न से खरीदने के लिंक भी दिए गए हैं, ताकि आप सीधे सही किताबें खरीद सकें और समय बर्बाद न हो। * कभी-कभी ज्यादा सोचने-समझने से किताबें हाथ में नहीं आतीं, इसलिए बिना ज्यादा देरी किए किताबें खरीद लेना ही सही होता है।  अपनी लाइब्रेरी खुद  बनाइये, धीरे धीरे जोड़िये.... Hindi Books Sanskriti Ke Char Adhyaya by Ramdhari Singh Dinkar Kashi ka Assi & Upsanhar by Kashinath Singh "अभ्युदय (राम-कथा)" श्रृंखला ( दीक्षा , अवसर , संघर्ष की ओर , साक्षात्कार, पृष्ठभूमि, अभियान, युद्ध -1 , युद्ध - 2 ) और  "महासमर" श्रृंखला ( बंधन, अधिकार, कर्म, धर्म, अन्तराल, प्रच्छन्न, प्रत्यक्ष, निर्बन्ध, आनुषंगिक ) by नरेंद्र कोहली Swang by Gyan Chaturvedi Awara Bheed ke Khatre by Harish...

2nd Letter to Teen Taal (तीन ताल को द्वितीय ख़त)

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तीन ताल के सभी साथियों को जय हो, जय हो, जय हो!  कमलेश ताऊ, कुलदीप सरदार और आसिफ़ खान चा को मेरा नमन!  "जस मतंग तस पादन घोड़ी, बिधना भली मिलाई जोड़ी" — ये लोक कहावत का आशय है कि जैसे हाथी को उसके पांव के अनुसार घोड़ी मिलनी चाहिए, उसी तरह विधाता समान लोगों की जोड़ी बना देता है। मेरे जैसे काम में उलझे हुए लोगों का तीन ताल का दर्शक बनना सुंदर संयोग है !   मेरे में लखनऊ की किस्सागोई नहीं है ना ही है हरियाणा का ठेठ अंदाज़ ! पर १०० -२००  घण्टे सुनते सुनते लिखने का मन हो ही गया। परसाई जी की बात याद आयी : जो प्रेमपत्र में मूर्खतापूर्ण बातें न लिखे, उसका प्रेम कच्चा है, उस पर विश्वास नहीं करना चाहिए पत्र जितना मूर्खतापूर्ण हो, उतना ही गहरा प्रेम समझना चाहिए।  अतः बहुत प्रेम से   तीन ताल को लिखा प्रथम ख़त  लिखा जो प्रोग्राम में पढ़ा नहीं गया, ना जाने किस गलियारों में खो गया। मन में बहुत तीस उठी। कई लेखक मानते हैं कि संपादकीय अस्वीकृति व्यक्तिगत पसंद या बाजार की मांग के कारण होती है, पर मुझ नौसिखिए को पता है कि यह अस्वीकृत चिठ्ठी में बकैती की कमी...