Aaj ka Bharat

श्वानों को मिलता दूध वस्त्र, भूखे बालक अकुलाते हैं
माँ की हड्डी से चिपक ठिठुर जाडों में रात बिताते हैं
युवती के लज्जा वसन बेच, जब व्याज चुकाये जाते हैं
मालिक जब तेल-फुलेलो पर, पानी सा द्रव्य बहाते हैं
पापी महलों का अहंकार, देता तुझको तब आमंत्रण..
Writer- Dinkar
Similar Reading...
माँ की हड्डी से चिपक ठिठुर जाडों में रात बिताते हैं
युवती के लज्जा वसन बेच, जब व्याज चुकाये जाते हैं
मालिक जब तेल-फुलेलो पर, पानी सा द्रव्य बहाते हैं
पापी महलों का अहंकार, देता तुझको तब आमंत्रण..
Writer- Dinkar
Similar Reading...
Comments
--
Sham Saha