90s नॉस्टैल्जिया: एंटीना, केबल और एक पूरा बचपन
90 के दशक की केबल-टीवी वाली ज़िंदगी आज सोचें तो किसी अलग ही दुनिया जैसी लगती है। एक ही टीवी पर रूसी कार्टून, चीनी धारावाहिक, दूरदर्शन के कार्यक्रम और बीच-बीच में 8-बिट वीडियो गेम की आवाज़ — सब कुछ बिना इंटरनेट के। न वाई-फाई था, न स्मार्टफोन, फिर भी दुनिया हमारे घर तक पहुँच जाती थी… बस एक टेढ़े-मेढ़े टीवी एंटीना के सहारे। बचपन से ही दूरदर्शन पर हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड का सीधा प्रसारण देखता आ रहा हूं। भाई, आज न जाने कैसे एंटीना सही करने का पुराना जादू याद आ गया? 90 के दशक में टीवी देखने का मज़ा ही कुछ और था| पहले तो हम DD National और DD Metro के भक्त हुआ करते थे। रामायण दोबारा देखने में भी गर्व होता था। एंटीना को घुमाकर और केबल का सिग्नल ठीक करने की कोशिश अपने आप में एक गेम जैसी होती थी। और उसी भरोसे में हमारा बचपन दुनिया घूम आता था — बस केबल के सहारे। दूरदर्शन के बाद प्राइवेट चैनलों के आने का इंतज़ार ही सबसे बड़ी एक्साइटमेंट हुआ करता था। वो दौर जब “केबल कनेक्शन” लगना किसी स्टेटस सिंबल से कम नहीं था। मोहल्ले की किसी छत पर जैसे ही नया केबल ...